भारत-अमेरिका में 6 महीने बाद भी ट्रेड डील क्यों नहीं

0

वाशिंगटन  । 01 अगस्त 25। भारत और अमेरिका के बीच फरवरी में ट्रेड डील पर बातचीत शुरू हुई थी। यानी 6 महीने हो चुके हैं, लेकिन दोनों देश अभी तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं।

अमेरिका, भारत के एग्री और डेयरी सेक्टर में एंट्री चाहता है, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है। इसके पीछे किसानों के हित के अलावा धार्मिक वजहें भी हैं। इसके अलावा भारत अपने छोटे और मंझोले उद्योगों (MSME) को लेकर ज्यादा सावधानी बरत रहा है।

अभी भारत पर अमेरिका ने 10% टैरिफ लगा रखा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ऐलान किया है कि वो भारत पर 1 अगस्त से 25% टैरिफ लगाएंगे और रूस से हथियार और तेल खरीदने की वजह से जुर्माना भी लगाएंगे।

इतनी लंबी बातचीत के बाद भी दोनों देशों के बीच ट्रेड डील न हो पाने की 4 संभावित वजह हो सकती हैं।

एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर में मतभेद

अमेरिका चाहता है कि उसकी डेयरी प्रोडक्ट्स (जैसे दूध, पनीर, घी आदि) को भारत में आयात की अनुमति मिले। अमेरिकी कंपनियां दावा करती हैं कि उनका दूध स्वच्छ और गुणवत्ता वाला है, और वो भारतीय बाजार में सस्ता भी पड़ सकता है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इस सेक्टर में करोड़ों छोटे किसान लगे हुए हैं। भारत सरकार को डर है कि अगर अमेरिकी डेयरी उत्पाद भारत में आएंगे, तो वे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।इसके अलावा, धार्मिक भावना भी जुड़ी हुई है।

भारत में ज्यादातर लोग शुद्ध शाकाहारी दूध उत्पाद चाहते हैं, जबकि अमेरिका में कुछ डेयरी उत्पादों में जानवरों की हड्डियों से बने एंजाइम (जैसे रैनेट) का इस्तेमाल होता है।

इसलिए भारत की शर्त है कि कोई भी डेयरी उत्पाद तभी भारत में बिक सकता है जब वह यह प्रमाणित करे कि वह पूरी तरह शाकाहारी स्रोत से बना हो।

इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि गेहूं, चावल, सोयाबीन, मक्का और फलों जैसे सेब, अंगूर आदि को भारत के बाजार में कम टैक्स पर बेचा जा सके।वह चाहता है कि भारत अपनी इम्पोर्ट ड्यूटी को कम करे। जबकि भारत अपने किसानों की सुरक्षा के लिए इन पर उच्च टैरिफ लगाता है ताकि सस्ते आयात से भारतीय किसान प्रभावित न हों।

इसके अलावा, अमेरिका जैव-प्रौद्योगिकी (GMO) फसलों को भी भारत में बेचने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत की सरकार और किसान संगठन इसका कड़ा विरोध करते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.