बदला! चाहे कुछ भी हो…’ — निमिषा की फांसी टली, लेकिन मृतक का भाई अब भी इंसाफ को लेकर…
नई दिल्ली, 17 जुलाई 2025 — “फांसी भले टल गई हो, लेकिन मेरे भाई की मौत का बदला मैं लेकर रहूंगा — चाहे जो भी हो…”। ये शब्द हैं उस युवक के, जिसने अपने इकलौते भाई को बेरहमी से खोया है और अब भी न्याय की तलाश में भटकर रहा है। मामला है बहुचर्चित…
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