दिल्ली कार ब्लास्ट: फिदायीन हमले के पीछे पाकिस्तानी जिहादी नेटवर्क का हाथ

0

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह हमला किसी स्थानीय आपराधिक गिरोह का नहीं, बल्कि पाकिस्तान स्थित जिहादी नेटवर्क द्वारा संचालित एक फिदायीन साजिश का हिस्सा था। एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त जांच में कई ऐसे सबूत मिले हैं जो हमले के तार सीमा पार से जुड़ते हुए दिखा रहे हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, धमाके में इस्तेमाल की गई विस्फोटक सामग्री अत्याधुनिक प्रकार की थी, जो आमतौर पर सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आतंकी संगठनों द्वारा प्रयोग की जाती है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि विस्फोटक में आरडीएक्स और एएमफो जैसी सामग्रियों का मिश्रण पाया गया, जो उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के बिना तैयार नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि घटना में इस्तेमाल i-20 कार को मेरठ से खरीदा गया था और इसके मालिक सलमान की गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कार को एक संदिग्ध व्यक्ति ने किराए पर लिया था, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है।

सूत्रों का कहना है कि यह फिदायीन हमला राजधानी में भय और अस्थिरता फैलाने के मकसद से रचा गया था। खुफिया विभाग ने पिछले कुछ महीनों से दिल्ली और उत्तर भारत में सक्रिय पाकिस्तानी जिहादी मॉड्यूल की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। इस नेटवर्क के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड चैनलों के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे।

एनआईए ने अब जांच को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित कर दिया है और पाकिस्तान के कुछ संदिग्ध खातों और फोन कॉल्स की ट्रेसिंग की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले को “संगठित आतंकी कार्रवाई” की संज्ञा दी है और कहा है कि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए देशभर में अभियान जारी रहेगा।

दिल्ली में सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है। सभी प्रमुख मेट्रो स्टेशन, सरकारी इमारतें और राजनयिक क्षेत्रों में पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह हमला भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने की एक सुनियोजित कोशिश थी, जिसका जवाब कठोर कार्रवाई के रूप में दिया जाएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.