भारतीय सेनाओं का 30 अक्टूबर से पाकिस्तान बॉर्डर पर सैन्य-अभ्यास — युद्धस्तर की तैयारियों का प्रदर्शन और रणनीतिक क्षमता की परीक्षा
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2025 । भारतीय सेनाएँ 30 अक्टूबर से पाकिस्तान सीमा के नजदीक बड़े पैमाने पर सैन्य-अभ्यास शुरू करने जा रही हैं। इस अभ्यास को सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि यह पश्चिमी सीमाओं पर भारत की रक्षा तत्परता और संयुक्त बलों की समन्वय क्षमता को परखने का बड़ा अवसर होगा।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस अभ्यास में भारतीय थलसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की संयुक्त भागीदारी होगी। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता, संचार समन्वय और त्वरित तैनाती की दक्षता का मूल्यांकन करना है।
भारतीय सेनाएं 30 अक्टूबर से राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर पर सैन्य अभ्यास ‘त्रिशूल’ शुरू करेंगी। इसी बीच पाकिस्तान ने अपने मध्य और दक्षिणी हवाई क्षेत्र में कई एयर ट्रैफिक रूट्स को बंद करने की घोषणा की है।
यह प्रतिबंध 28 से 29 अक्टूबर 2025 तक रहेगा। जारी NOTAM (नोटिस टू एयरमैन) के अनुसार, इन दो दिनों में कई हवाई मार्ग उपलब्ध नहीं रहेंगे और उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।
हालांकि, पाकिस्तान ने इस कदम के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी सैन्य अभ्यास या हथियार परीक्षण से जुड़ा हो सकता है।
भारत ने हाल ही में 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक त्रिशूल नामक तीनों सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास घोषित किया है। यह अभ्यास सिर क्रीक के पास, यानी पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाके में होगा।
रक्षा विश्लेषक डेमियन सायमोन ने सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से बताया कि इस अभ्यास का दायरा 28 हजार फीट ऊंचाई तक फैला होगा। जो हाल के वर्षों में सबसे बड़े सैन्य अभियानों में से एक है।
पाकिस्तान बॉर्डर पर जुटेंगे 30 हजार सैनिक
राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 12 दिन अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास होगा। आर्मी, एयरफोर्स और नौसेना के 30 हजार जवान थार में जॉइंट एक्सरसाइज करेंगें।
एक्सरसाइज की शुरुआत 30 अक्टूबर से होगी, जो 10 नवंबर तक चलेगी। इस युद्धाभ्यास के दौरान बॉर्डर कुछ एरिया में कॉमर्शियल फ्लाइट्स के रूट में बदलाव भी हो सकता है।
एक्सरसाइज जैसलमेर के एरिया से लेकर गुजरात के सर क्रीक इलाके तक होगी। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात दौरे के दौरान सर क्रीक सीमा विवाद की चर्चा की थी
इसके जरिए पश्चिमी एयर कॉरिडोर में उड़ानों के लिए चेतावनी दी गई है। इस दौरान कॉमर्शियल फ्लाइट के लिए इस एरिया के रूट में बदलाव हो सकता है।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस अभ्यास में वास्तविक युद्ध परिस्थितियों की नकल करते हुए संयुक्त बलों के बीच त्वरित कार्रवाई, लॉजिस्टिक सपोर्ट, और हवाई-सहायता आधारित अभियानों का प्रदर्शन किया जाएगा।
यह अभ्यास भारतीय सेनाओं की उस नीति को भी दर्शाता है, जिसमें “डिटरेंस और डिफेंस दोनों का संतुलन” बरकरार रखा जाता है। यह न केवल पाकिस्तान बल्कि अन्य पड़ोसी देशों के लिए भी यह संकेत है कि भारत किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।