भारत ने भूटान को 4,000 करोड़ की क्रेडिट लाइन दी, ऊर्जा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार

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भारत-भूटान आर्थिक साझेदारी में नया अध्याय

 

भारत और भूटान के बीच आर्थिक और ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने के लिए भारत ने भूटान को 4,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट लाइन प्रदान की है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया भूटान यात्रा के दौरान लिया गया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत बनाना है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह क्रेडिट लाइन भूटान की ऊर्जा परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक सुधारों में सहायक होगी। इसके तहत भारत भूटान की जलविद्युत परियोजनाओं के आधुनिकीकरण, नई ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में निवेश को समर्थन देगा।

भूटान लंबे समय से भारत का प्रमुख ऊर्जा साझेदार रहा है, जहां से भारत को जलविद्युत ऊर्जा की बड़ी आपूर्ति होती है। इस नई क्रेडिट सुविधा से भूटान की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि यह निवेश न केवल ऊर्जा क्षेत्र बल्कि पर्यटन, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में भी विकास को गति देगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और भूटान का रिश्ता ‘विश्वास, सहयोग और साझा विकास’ पर आधारित है। उन्होंने इस क्रेडिट लाइन को दोनों देशों के बीच “सतत और हरित साझेदारी” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे ने इस सहयोग के लिए भारत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता भूटान को आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक देश बनाने में मदद करेगी।

भारत-भूटान के बीच यह आर्थिक सहयोग न केवल दक्षिण एशिया में ऊर्जा सुरक्षा के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सामरिक साझेदारी को भी मजबूत बनाएगा।

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