1 सितंबर से सिल्वर ज्वेलरी की हॉलमार्किंग लागू होगी

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नई दिल्ली, 13 अगस्त, 2025. केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 1 सितंबर से देशभर में सिल्वर ज्वेलरी और सिल्वर आर्टिकल्स की हॉलमार्किंग अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार, यह कदम खरीदारों के हितों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

मंत्रालय ने बताया कि हॉलमार्किंग नियम लागू होने के बाद केवल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित शुद्धता वाली चांदी की ज्वेलरी और आभूषण ही बेचे जा सकेंगे। इस प्रक्रिया में प्रत्येक आभूषण पर शुद्धता का स्तर, BIS का लोगो और पहचान चिन्ह अंकित होगा।

सरकार का कहना है कि सोने के आभूषणों की तरह चांदी की हॉलमार्किंग से भी उपभोक्ताओं को यह भरोसा मिलेगा कि वे शुद्ध धातु खरीद रहे हैं और उन्हें नकली या कम शुद्धता वाला उत्पाद नहीं बेचा जा सकता।

ज्वेलर्स संगठनों ने हालांकि इस निर्णय पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि हॉलमार्किंग से उपभोक्ता का विश्वास बढ़ेगा, जबकि छोटे ज्वेलर्स ने इसे लागू करने की समयसीमा को लेकर चिंता जताई है। उनका तर्क है कि हॉलमार्किंग केंद्रों की संख्या बढ़ाने और प्रक्रिया को सरल बनाने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करेगा, बल्कि चांदी के आभूषण उद्योग में गुणवत्ता के मानकों को भी स्थायी रूप से स्थापित करेगा।

सोने के बाद अब सरकार सिल्वर ज्वेलरी की भी हॉलमार्किंग लागू करने की तैयारी कर रही है। 1 सितंबर से स्वैच्छिक तौर पर इसे लागू किया जाएगा। सोने की तरह ही यह 6 ग्रेड चांदी की ज्वेलरी पर लागू होगी। चांदी पर 6 डिजिट वाला HUID हॉलमार्किंग लागू होगी।

हॉलमार्किंग से शुद्धता की गारंटी मिलती है। हॉलमार्क साबित करता है कि ज्वेलरी में दी गई चांदी कितनी शुद्ध है। इससे ग्राहक का भरोसा बढ़ता है। सरकार ने 1 अप्रैल 2024 से गोल्ड और उसके आभूषणों पर अनिवार्य से रूप से हॉलमार्किंग लागू की थी।

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