चिदंबरम बोले- 2008 आतंकी हमलों पर PM का बयान गलत

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नई दिल्ली, 09 अक्टूबर 2025 । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों को लेकर प्रधानमंत्री के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान “तथ्यात्मक रूप से गलत” है और उस समय की स्थिति को “राजनीतिक दृष्टिकोण से तोड़-मरोड़कर” पेश किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को 2008 के 26/11 आतंकी हमले पर पीएम मोदी के बयान को गलत बताया। चिदंबरम ने X पर लिखा कि यह पढ़कर निराशा हुई कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने काल्पनिक बातों को मेरे नाम से जोड़ दिया।

दरअसल पीएम मोदी ने बुधवार को मुंबई में कहा था कि, कांग्रेस के बड़े नेता और जो देश के गृह मंत्री (पी चिदंबरम) तक रह चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि मुंबई हमले के बाद हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थीं। पूरा देश भी यही चाहता था। लेकिन कांग्रेस सरकार ने आतंकियों के सामने घुटने टेके थे।

पीएम ने अपने बयान में चिदंबरम का नाम नहीं लिया लेकिन उनके 30 सितंबर को दिए इंटरव्यू का जिक्र किया। हालांकि 10 दिन बाद चिदंबरम ने अपने बयान पर जारी विवाद पर फिर रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि, उनकी बातों को गलत तरह से पेश किया गया।

8 अक्टूबर: मोदी बोले- 2008 में कांग्रेस ने कमजोरी का मैसेज दिया

मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- साथियों मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी के साथ सबसे वाइब्रेंट शहरों में से एक है। 2008 में आतंकियों ने भी मुंबई शहर को बड़े हमले के लिए चुना। तब की कांग्रेस सरकार ने कमजोरी का मैसेज दिया। आतंकियों के सामने घुटने टेके। हाल ही में कांग्रेस के बड़े नेता और जो देश के गृह मंत्री तक रह चुके हैं।

उन्होंने दावा किया कि मुंबई हमले के बाद हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थीं। पूरा देश भी यही चाहता था, लेकिन उस नेता की माने तो किसी दूसरे देश के दबाव के कारण कांग्रेस सरकार ने भारत की सेनाओं को पाकिस्तान पर हमला करने से रोका।

मनमोहन सरकार में गृह मंत्री रहे पी चिदंबरम ने 30 सितंबर को एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद उनके मन में भी बदला लेने का विचार आया था, लेकिन उस वक्त की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया।

चिदंबरम ने न्यूज चैनल को बताया- पूरी दुनिया का दबाव था। हमें युद्ध नहीं करने के लिए समझाया जा रहा था। तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री दिल्ली आईं और उन्होंने कहा- कृपया एक्शन नहीं लीजिएगा। कोई आधिकारिक राज उजागर किए बिना मैं मानता हूं कि मेरे मन में प्रतिशोध की भावना आई थी।

मैंने जवाबी कार्रवाई पर PM और अन्य जिम्मेदार लोगों से चर्चा की थी। PM ने तो इस पर चर्चा हमले के दौरान ही कर ली थी। विदेश मंत्रालय का मानना था कि सीधा हमला नहीं करना चाहिए। इसके बाद सरकार ने कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया।

राजनीतिक हलकों में अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर पुराने विवादों को फिर से उठाना उचित है या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा मामलों पर राजनीतिक टकराव से बचना चाहिए और ध्यान भविष्य की रणनीतियों पर केंद्रित होना चाहिए।

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