केरल: सुप्रीम कोर्ट का आदेश—स्कूल-विहीन क्षेत्रों में अनिवार्य प्राथमिक विद्यालय
सुप्रीम कोर्ट ने केरल में शिक्षा के अधिकार को मजबूत किया
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि केरल के ऐसे सभी क्षेत्रों में, जहां प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां अनिवार्य रूप से प्राथमिक स्कूल स्थापित किए जाएं। अदालत ने यह निर्देश राज्य सरकार को देते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार केवल कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी सुनिश्चित होना चाहिए।
याचिका में यह कहा गया था कि राज्य के कई दूरदराज़ इलाकों में आज भी प्राथमिक स्कूलों की कमी है, जिसके कारण बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या कई बच्चे स्कूल ही नहीं जा पाते। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है, और राज्य की जिम्मेदारी है कि वह हर बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करे।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह तत्काल सर्वेक्षण करे, ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे और निर्धारित समय सीमा में वहां प्राथमिक विद्यालय की स्थापना सुनिश्चित करे। अदालत ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना विकास और समानता का पहला कदम है।
यह फैसला ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों बच्चों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।