लालू को किडनी देकर पछताईं रोहिणी, तेजस्वी के करीबियों पर लगाए गंभीर आरोप
रोहिणी का बड़ा बयान: त्याग के बदले अपमान का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक चौंकाने वाले बयान में कहा है कि उन्होंने पिता को किडनी देकर जो बड़ा त्याग किया था, आज वह उसी के लिए पछता रही हैं। रोहिणी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के कुछ नजदीकी सहयोगी उन्हें लगातार अपमानित कर रहे हैं और परिवार में उनके योगदान को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
किडनी दान के बाद भी उपेक्षा का दर्द: रोहिणी की पीड़ा खुलकर सामने आई
रोहिणी ने सोशल मीडिया पोस्ट और चर्चाओं में यह कहा कि उन्होंने लालू यादव के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर किडनी दी, लेकिन इसके बाद से
- उन्हें सम्मान नहीं मिला
- उनकी बातों को नज़रअंदाज़ किया गया
- उन्हें राजनीतिक खेमेबाज़ी में घसीटा गया
उन्होंने कहा कि परिवार में उनके त्याग को आज तक सही मूल्यांकन नहीं मिला, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हैं।
तेजस्वी के करीबियों पर गंभीर आरोप
रोहिणी ने सीधे तौर पर तेजस्वी यादव पर हमला नहीं किया, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी के करीबी सहयोगी और सलाहकार
- उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं
- उनके खिलाफ गलत सूचनाएँ फैलाते हैं
- परिवार में उनका महत्व कम करके दिखाने की राजनीति करते हैं
रोहिणी के इन आरोपों ने RJD की आंतरिक राजनीतिक स्थिति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
RJD में बढ़ती दरार? भीतरखाने असंतोष के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोहिणी का यह बयान केवल व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि RJD के भीतर चल रहे गुटबाज़ी के तनावों का संकेत है।
लालू परिवार लंबे समय से बिहार की राजनीति में एक मजबूत इकाई के रूप में जाना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में
- विचारों का असंतुलन
- पीढ़ियों के बीच मतभेद
- राजनीतिक रणनीतियों को लेकर असहमति
जैसे मुद्दों ने रिश्तों में खटास पैदा कर दी है।
तेजस्वी खेमे की प्रतिक्रिया: बयान से बचने की कोशिश
तेजस्वी यादव की टीम ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से परहेज़ किया है। सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी चाहते हैं कि यह मुद्दा परिवार के भीतर सुलझाया जाए और मीडिया में इसे अधिक तूल न मिले।
समर्थकों की प्रतिक्रिया: त्याग को न भूलने की अपील
रोहिणी आचार्य के समर्थकों और आम जनता के बड़े वर्ग ने कहा कि
- लालू यादव को बचाने में रोहिणी की भूमिका ऐतिहासिक है
- परिवार को उनके योगदान का सम्मान करना चाहिए
- राजनीतिक मतभेदों की वजह से उनके त्याग को कम नहीं आँका जा सकता