नंदिनी घी के नाम पर बड़ा फूड फ्रॉड: नकली घी में जानवरों की चर्बी मिलाने वाला गिरोह पकड़ा गया
नंदिनी घी के नाम पर चल रहा एक बड़ा फूड फ्रॉड सामने आया है, जहां नकली घी तैयार करके उसमें जानवरों की चर्बी मिलाई जा रही थी। फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, जिससे लाखों उपभोक्ताओं की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ का खुलासा हुआ।
जांच में पाया गया कि यह गिरोह बेहद कम लागत में घटिया तेल, केमिकल और जानवरों की चर्बी को मिलाकर नकली घी तैयार करता था। इसके बाद उसे नंदिनी ब्रांड के नाम से पैक करके बाजार में बेच दिया जाता था। इस उत्पाद की पैकिंग और लेबलिंग इतनी असली जैसी थी कि आम उपभोक्ता आसानी से धोखा खा जाता था।
छापे के दौरान बड़ी मात्रा में नकली घी, कच्चा माल, पैकिंग मशीनें और हजारों की संख्या में फर्जी लेबल बरामद किए गए। कई राज्यों में इन उत्पादों की सप्लाई की जा रही थी, जिससे मामले की गंभीरता और भी बढ़ गई है।
फूड सेफ्टी अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के नकली घी का सेवन अत्यंत खतरनाक है। इसमें मौजूद जानवरों की चर्बी, घटिया तेल और केमिकल गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे मिलावटी उत्पादों का सेवन हृदय रोग, पेट संबंधी समस्याएं, संक्रमण और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा सप्लाई चेन और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि बाजार में बिक रहे घी और दूध उत्पादों की नियमित जांच की जाएगी ताकि ऐसे फूड फ्रॉड पर रोक लगाई जा सके।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि घी खरीदते समय ब्रांड, पैकिंग, सील और एमआरपी की जांच अवश्य करें और संदिग्ध उत्पादों की तुरंत शिकायत करें।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि खाद्य मिलावट से जुड़ा अपराध लगातार बढ़ रहा है और इसके प्रति जागरूकता और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।