समस्तीपुर: कचरे में मिलीं वीवीपैट पर्चियाँ, चुनाव आयोग ने शुरू की जांच
समस्तीपुर में मतदान प्रक्रिया पर सवाल
बिहार के समस्तीपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब कचरे के ढेर से वीवीपैट (VVPAT) पर्चियाँ मिलने की सूचना मिली। यह घटना दूसरे चरण के मतदान के ठीक बाद सामने आई, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों ने दी सूचना
जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर के वार्ड नंबर 12 में कुछ लोगों ने कचरे के बीच पड़ी वीवीपैट पर्चियों को देखा और तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पुलिस और चुनाव आयोग के अधिकारी पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। पर्चियों को जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।
चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान
राज्य चुनाव आयोग ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये पर्चियाँ मतदान केंद्र से कैसे बाहर आईं और क्या यह लापरवाही है या किसी साजिश का हिस्सा।
अधिकारियों की सफाई
चुनाव विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पर्चियाँ डेमो मशीनों या मॉक पोलिंग के दौरान इस्तेमाल की गई हो सकती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना प्रक्रिया और असली वोटिंग से संबंधित किसी मशीन या डेटा से छेड़छाड़ नहीं हुई है। हालांकि, आयोग ने इस मामले की तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा करता है। वहीं, सत्तारूढ़ दल ने इसे विपक्ष की “अनावश्यक राजनीति” करार दिया और कहा कि जांच रिपोर्ट आने तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए।
सुरक्षा और पारदर्शिता की समीक्षा
घटना के बाद सभी जिलों में मतदान सामग्री की सुरक्षा को लेकर पुनः समीक्षा की जा रही है। चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि भविष्य में किसी भी स्तर पर इस तरह की लापरवाही न हो।
समस्तीपुर की यह घटना बिहार चुनाव 2025 के बीच चुनावी विश्वसनीयता और तकनीकी पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ रही है। अब निगाहें आयोग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में कई सवालों के जवाब दे सकती है।