जदयू प्रत्याशी खेसारी लाल यादव का विवादित बयान, मंदिर में पढ़कर अफसर बन जाऊंगा क्या?
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जदयू के उम्मीदवार और प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। खेसारी ने कथित रूप से कहा कि “मंदिर में पढ़कर अफसर बन जाऊंगा क्या?”—जिसे लेकर धार्मिक संगठनों और विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
खेसारी लाल यादव ने यह बयान एक जनसभा के दौरान दिया, जहां वे शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं को मंदिरों और धार्मिक संस्थानों से अधिक आधुनिक शिक्षा और संसाधनों की जरूरत है, ताकि वे प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकें। हालांकि, उनके इस बयान को मंदिरों के प्रति असम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी को हिंदू भावनाओं पर प्रहार बताया है और जदयू नेतृत्व से खेसारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा और राजद के नेताओं ने खेसारी पर धार्मिक संस्थानों की अवमानना का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बयान लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है।
खेसारी लाल यादव ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उनका कहना है कि वे केवल शिक्षा व्यवस्था की कमियों की ओर इशारा कर रहे थे और युवाओं को बेहतर अवसर दिलाने की बात कर रहे थे।
बयान को लेकर जारी विवाद के बीच जदयू ने भी स्थिति पर नज़र रखते हुए खेसारी से संयम बरतने की अपील की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी माहौल में यह बयान किस तरह राजनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित करता है।