SIR बिल पर TMC का विरोध, राज्यसभा में गरमाई बहस

0

 राज्यसभा में पेश किए गए ‘स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रेज़ोल्यूशन’ (SIR) बिल पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बिल का सख्त विरोध किया है, जिसे केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार और संगठित अपराधों की जाँच को तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पेश किया था।

टीएमसी के सांसदों का कहना है कि यह बिल राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखलंदाजी करता है और केंद्र सरकार को अतिरिक्त शक्तियाँ प्रदान करता है, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिए विपक्षी दलों को निशाना बनाने और राजनीतिक फायदे के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करना चाहती है।

राज्यसभा में बहस के दौरान टीएमसी नेताओं ने केंद्र पर “राजनीतिक बदले की भावना” का आरोप लगाया और कहा कि SIR बिल राज्यों की स्वायत्तता को कमज़ोर करता है। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि यह बिल “लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी” है और इसे संसद की स्थायी समिति को भेजा जाना चाहिए।

केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बिल देश की सुरक्षा, पारदर्शिता और कानून व्यवस्था के लिए आवश्यक है, और इसका दुरुपयोग नहीं होगा। सरकार का यह भी कहना है कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ राज्यों को भी इस बिल से फायदा होगा।

बिल को लेकर विपक्षी दलों में एकजुटता देखी गई, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे सुधार और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि, SIR बिल पर मत विभाजन और संशोधनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस मुद्दे ने नया मोड़ ले लिया है, और आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य के बीच टकराव और बढ़ सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.