कर्नाटक में मिली रूसी महिला का केस
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर 2025 । कर्नाटक में एक रूसी महिला मिलने की घटना ने राज्य की पुलिस और आम जनता दोनों को चौकन्ना कर दिया है। मामला तब सामने आया जब महिला को एक सार्वजनिक जगह पर असहाय अवस्था में पाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, महिला कुछ दिनों से लापता थी और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस तुरंत सक्रिय हो गए।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गोवा में रह रहे एक इजराइली बिजनेसमैन को फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि जब उसकी बेटियां और उनकी रूसी मां कर्नाटक के जंगल में गुफा में रह रही थीं, तब वह गोवा में क्या कर रहा था? कोर्ट ने पूछा कि क्या उसके पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज हैं।
कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की, जब बिजनेसमैन ने अपनी दो बेटियों की कस्टडी मांगी और उन्हें रूस भेजने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि यह देश अब ऐसा सुरक्षित ठिकाना बन गया है, जहां कोई भी आकर रह सकता है।
11 जुलाई को कर्नाटक के कुमटा तालुका के रामतीर्थ हिल्स के जंगल में पुलिस की रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान 40 साल की रूसी महिला नीना कुटीना और उसकी दो बेटियों को बचाया गया था। उनके पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं थे, इसलिए उन्हें कर्नाटक के रेस्ट्रिक्शन सेंटर में भेजा गया।
26 सितंबर को कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह महिला और उसकी बेटियों को रूस भेजने के लिए ट्रैवल दस्तावेज जारी करे। इसके खिलाफ इजराइली नागरिक डॉर शलोमो गोल्डस्टीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
बच्चियों का पिता होने के दस्तावेज दिखाएं: कोर्ट
सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा कि आप कौन हैं, आपका क्या अधिकार है? कोई आधिकारिक दस्तावेज दिखाइए जिसमें आपको बच्चियों का पिता बताया गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि हम क्यों न आपको डिपोर्ट करने का आदेश दें।
रशियन महिला ने खुद रूस लौटने की इच्छा जताई थी
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि महिला व उसकी बेटियां दो महीने से बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रही थीं। महिला ने खुद रूसी दूतावास को पत्र लिखकर जल्द से जल्द रूस लौटने की इच्छा जताई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चों के हित में यही है कि वे अपनी मां के साथ रूस लौटें।