अमेरिका को जीरो-टैरिफ वस्तुओं का निर्यात 3 माह में 42% गिरा; जबकि 50% टैरिफ वाली वस्तुओं में सिर्फ 11% की गिरावट
नई दिल्ली, 22 सितंबर 2025 — Global Trade Research Initiative (GTRI) की एक रिपोर्ट की मानें, तो अमेरिका को उन वस्तुओं का निर्यात, जिन पर अमेरिका की ओर से जीरो टैरिफ है, मई-अगस्त 2025 के दौरान लगभग 41.9-42% तक गिरावट दर्ज हुई है। वहीं, उन वस्तुओं का निर्यात जिन पर अमेरिका ने 50% टैरिफ लागू किया है, उनमें गिरावट अपेक्षाकृत कम हुई — लगभग 10-11%।
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जीरो-टैरिफ श्रेणी की वस्तुएँ — जैसे कि स्मार्टफोन, पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स आदि — जिन पर अमेरिका द्वारा कोई शुल्क नहीं था, उनका निर्यात मई-अगस्त में घटकर $1.96 बिलियन हो गया, जबकि मई में यह $3.37 बिलियन था।
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स्मार्टफोन निर्यात में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई — लगभग 58% की कमी हुई।
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फार्मा निर्यात में लगभग 13.3% की गिरावट दर्ज की गई।
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दूसरी ओर, 50% टैरिफ श्रेणी की वस्तुओं का निर्यात जून-अगस्त में लगभग 10.8% गिरा है।
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प्रभावित प्रमुख उद्योगों में टेक्सटाइल्स, जेम्स-एंड-ज्वेलरी, सीफ़ूड, सोलर पैनल, केमिकल्स आदि शामिल हैं।
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हालांकि टैरिफ़ की वृद्धि 50% तक हुई है, फिर भी यह अनुमानित प्रभाव है कि टैरिफ-मुक्त वस्तुओं का इतना बड़ा नुकसान क्यों हुआ, वह “counterintuitive” (विरोधाभासी) स्थिति है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रम-गहन उद्योगों को सबसे ज़्यादा झटका लगा है क्योंकि उच्च टैरिफ से लागत बढ़ी, प्रतिस्पर्धात्मकता कम हुई, और कुछ निर्यातकों ने उत्पादन स्थान बदलने का ऑप्शन देखा है।
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निर्यातकों, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs), की बदलती प्रतिस्पर्धात्मकता को देखते हुए सरकार से मदद-उपायों की मांग बढ़ रही है — जैसे कि टैक्स राहत, लॉजिस्टिक्स और उत्पादन लागत कम करने वाले उपाय।
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व्यापारिक नीतियाँ संभवतः diversification यानी नए बाजारों की खोज पर जोर देंगी, ताकि अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम हो सके।
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रिपोर्ट यह संकेत देती है कि आगे के महीनों में टैरिफ़-मुक्त और कम-टैरिफ़ श्रेणियों में गिरावट और गहरी हो सकती है, विशेषकर यदि अमेरिकी टैरिफ़ नीतियों में बदलाव नहीं हुआ।