प्रो कबड्डी लीग का 12वां सीजन आज से शुरू

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नई दिल्ली। भारतीय खेलों के सबसे लोकप्रिय टूर्नामेंटों में से एक, प्रो कबड्डी लीग (PKL) का 12वां सीजन आज से शुरू हो रहा है। कबड्डी, जो भारतीय मिट्टी से जुड़ा पारंपरिक खेल है, ने PKL के जरिए पिछले एक दशक में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। इस लीग ने न केवल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दी है, बल्कि कबड्डी को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है।

सीजन 12 की खासियतें

  • इस बार लीग में 12 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी।

  • हर टीम अपने घरेलू मैदान पर भी मैच खेलेगी, जिससे फैंस का उत्साह कई गुना बढ़ेगा।

  • स्टार खिलाड़ियों के साथ कई युवा चेहरे भी मैदान में उतरेंगे, जिन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

  • टूर्नामेंट का फॉर्मेट राउंड-रोबिन और प्लेऑफ आधारित होगा।

उद्घाटन मुकाबला

सीजन का पहला मैच बेहद रोमांचक होने वाला है। शुरुआती मुकाबले में दो दिग्गज टीमें आमने-सामने होंगी, जिससे लीग का आगाज़ धमाकेदार होगा। फैंस का जोश पहले से ही सोशल मीडिया और स्टेडियम टिकट बिक्री में साफ नजर आ रहा है।

खिलाड़ियों पर सबकी नज़र

  • पवन सेहरावत, प्रदीप नरवाल और नवीन कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी अपनी टीम को मजबूत करेंगे।

  • डिफेंस में फजल अत्राचली और सुरजीत सिंह जैसे सितारों पर निगाहें होंगी।

  • वहीं, कई युवा खिलाड़ी पहली बार PKL में उतरेंगे, जो अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं।

कबड्डी का बढ़ता क्रेज

प्रो कबड्डी लीग की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह क्रिकेट के बाद भारत की दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली लीग बन चुकी है। लीग ने गांव-गांव में छिपी प्रतिभाओं को मंच दिया और कबड्डी को एक प्रोफेशनल करियर का विकल्प बनाया।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

  • लीग ने खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति को सुधारा है।

  • भारत में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है।

  • युवा पीढ़ी को पारंपरिक खेलों से जोड़ने में मदद की है।

आगे का रोमांच

सीजन 12 का यह सफर अगले कई हफ्तों तक चलेगा और अंत में प्लेऑफ व फाइनल मुकाबलों के जरिए चैंपियन का फैसला होगा। इस बार सभी टीमों की ताकत लगभग बराबर दिख रही है, जिससे मुकाबले और ज्यादा कड़े और रोमांचक होने की उम्मीद है।

प्लेऑफ का शेड्यूल क्या होगा? ग्रुप स्टेज के दौरान एक दिन में 2 मैच होंगे। 15 अक्टूबर से हर दिन 3 मैच खेले जाएंगे। ग्रुप स्टेज में 8 ट्रिपल हेडर होंगे। ग्रुप स्टेज में एक टीम 18 मैच खेलेगी। हर टीम बाकी 9 टीमों के खिलाफ 2-2 मैच खेलेगी। ग्रुप स्टेज खत्म होने के बाद पॉइंट्स टेबल के टॉप-8 पोजिशन पर रहने वाली टीमें प्लेऑफ में एंट्री करेंगी। टॉप-2 पोजिशन पर रहने वाली टीमों के पास फाइनल में पहुंचने के ज्यादा मौके रहेंगे। वहीं बाकी 6 टीमों को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी।

  • 5 से 8 नंबर पर फिनिश करने वाली टीमें प्ले-इन खेलेंगी। यहां नंबर-5 का मैच नंबर-6 टीम से होगा। वहीं 7वें नंबर की टीम का मैच 8वें नंबर की टीम से होगा। यहां हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। वहीं जीतने वाली दोनों टीमें एलिमिनेटर-1 में भिड़ेगी। एलिमिनेटर-1 जीतने वाली टीम एलिमिनेटर-2 में जाएगी, वहीं हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी।
  • तीसरे और चौथे नंबर पर रहने वाली टीमों के बीच मिनी क्वालिफायर होगा। जीतने वाली टीम एलिमिनेटर-3 में एंट्री करेगी, वहीं हारने वाली एलिमिनेटर-2 में एलिमिनेटर-1 की विजेता से भिड़ेगी। एलिमिनेटर-2 की विजेता टीम एलिमिनेटर-3 खेलेगी। इसे जीतने वाली टीम क्वालिफायर-2 में जाएगी, वहीं हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी।
  • टॉप-2 पोजिशन पर रहने वाली टीमें क्वालिफायर-1 में भिड़ेंगी, विजेता टीम फाइनल में जाएगी। वहीं हारने वाली टीम क्वालिफायर-2 में जाएगी। क्वालिफायर-1 और क्वालिफायर-2 जीतने वाली टीमों के बीच फाइनल होगा।

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