कैबिनेट: ‘चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, लखनऊ मेट्रो का विस्तार’, ₹18,541 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचा और तकनीकी विकास को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में ₹18,541 करोड़ की कुल लागत वाली कई अहम योजनाओं को हरी झंडी दी गई। इन योजनाओं में चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट और लखनऊ मेट्रो के विस्तार का फैसला प्रमुख है।
चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट
सरकार ने देश में चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स से न सिर्फ भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में आयात पर निर्भरता भी घटेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में एक मजबूत स्थान दिला सकती है।
लखनऊ मेट्रो का विस्तार
बैठक में लखनऊ मेट्रो के विस्तार को भी मंजूरी दी गई, जिससे शहर के और अधिक क्षेत्रों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी। इस विस्तार से यातायात का दबाव कम होगा और दैनिक आवागमन में समय की बचत होगी। साथ ही, यह परियोजना स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।
₹18,541 करोड़ की योजनाओं का व्यापक असर
कुल मंजूर हुई परियोजनाओं का लक्ष्य रोजगार सृजन, तकनीकी नवाचार और शहरी बुनियादी ढांचे का विकास है। इनमें न केवल प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि सप्लाई चेन और सहायक उद्योगों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेगा।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी योजनाओं को मजबूत आधार मिलेगा। सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में अहम कदम हैं, वहीं मेट्रो विस्तार शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, ₹18,541 करोड़ की इन योजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी भारत की तकनीकी, औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है—जो देश की आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार देने का वादा करती है।