‘हिंदू नाम से फंसाया, कन्वर्जन के बाद सऊदी में बेचने की साजिश, इनकार पर गैंगरेप’: छांगुर बाबा के चंगुल से छूटी युवती की भयावह आपबीती
उत्तर प्रदेश 17 जुलाई 2025 — एक युवती की हिम्मत ने एक ऐसा सच उजागर किया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। कथित “धार्मिक बाबा” की आड़ में चल रहे मानव तस्करी, जबरन धर्म परिवर्तन और यौन शोषण के एक खौफनाक जाल का पर्दाफाश हुआ है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे हिंदू नाम से बहलाकर फंसाया गया, फिर जबरन धर्मांतरण कर सऊदी अरब में बेचने की साजिश रची गई, और जब उसने विरोध किया, तो उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
कौन है छांगुर बाबा?
छांगुर बाबा नामक यह शख्स एक खुद को “गुरु” और “धर्मात्मा” बताने वाला व्यक्ति है, जो युवाओं और खासकर लड़कियों को “आध्यात्मिक सहायता” के नाम पर अपने आश्रम में बुलाता था। सत्संग, तंत्र-मंत्र और चमत्कार दिखाने के नाम पर उसके अनुयायियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही थी। लेकिन पीछे की हकीकत भयावह थी — यह एक सुनियोजित गिरोह की तरह काम करने वाला धार्मिक मुखौटा था।
कैसे फंसाया गया युवती को?
पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए एक युवक से हुई, जिसने खुद को हिंदू नाम से परिचित कराया। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी और विश्वास जमाया गया। फिर युवक ने उसे “मन की शांति” के लिए छांगुर बाबा के सत्संग में चलने का प्रस्ताव दिया। आश्रम में कुछ दिन रहने के बाद उसे बहला-फुसलाकर धार्मिक रीति-रिवाज़ों के नाम पर कन्वर्जन कराया गया।
पीड़िता ने बताया कि उसे यह विश्वास दिलाया गया कि धर्म बदलने के बाद उसे एक “अच्छा जीवन” मिलेगा और विदेश में काम दिलाया जाएगा। लेकिन हकीकत कुछ और थी — उसे सऊदी अरब में मानव तस्करी के जरिए बेचने की तैयारी चल रही थी।
इनकार पर गैंगरेप
जब पीड़िता ने इस पूरे षड्यंत्र को समझा और विदेश जाने से इनकार किया, तो उसे धमकाया गया। विरोध करने पर बाबा और उसके गुर्गों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। उसे बंद कमरे में कई दिनों तक रखा गया, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, और उसके मुंह बंद रखने के लिए जान से मारने की धमकी दी गई।
किसी तरह मौका पाकर युवती वहां से भागने में सफल हुई और पुलिस तक पहुंची। उसकी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई, मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि हुई और अब पुलिस इस पूरे गैंग की तलाश में जुटी है।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छांगुर बाबा के आश्रम से अब तक कई फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट की फोटोकॉपी, विदेशी नंबरों से की गई कॉल डिटेल्स, और धर्मांतरण से जुड़े सामान बरामद किए गए हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि बाबा और उसका गिरोह अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट से जुड़ा हुआ है।
अब तक 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है।
सामाजिक प्रतिक्रिया: गुस्सा और सदमा
इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। धार्मिक आस्थाओं के नाम पर चल रहे इस काले खेल पर राजनीतिक दलों, महिला संगठनों, और धार्मिक समूहों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, आम नागरिकों में भी इस बात को लेकर चिंता है कि किस तरह धार्मिक गुरुओं की आड़ में लड़कियों को शिकार बनाया जा रहा है और उनके साथ अमानवीय अत्याचार किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
छांगुर बाबा का यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि धर्म, आस्था और आध्यात्मिकता की आड़ में कैसे संगठित अपराध चलाए जा सकते हैं। यह केवल एक लड़की की कहानी नहीं है — यह उन हजारों मासूमों की चेतावनी है, जो फर्जी बाबाओं, फरेबी प्रेमजाल और आस्था के झूठे मुखौटों में उलझकर अपने जीवन को नरक बना लेते हैं।
सरकार और पुलिस को अब ऐसे ढोंगियों पर नकेल कसनी होगी और ऐसे अपराधियों को उदाहरणात्मक सज़ा देनी होगी — ताकि कोई और लड़की “आश्रम” के नाम पर किसी “गिरोह” की शिकार न बने।
सतर्क रहें, सचेत रहें — आस्था के नाम पर धोखा हर किसी के दरवाज़े पर दस्तक दे सकता है।