यह कदम हर लाभार्थी को सही मात्रा में और पारदर्शी तरीके से राशन देने में मदद करेगा – मनजिंदर सिंह सिरसा
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025 । — दिल्ली की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सभी 1967 फेयर प्राइस शॉप्स पर ई-पॉस मशीनों को डिजिटल वज़न मशीनों से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
इस बारे में जानकारी खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने खाद्य विभाग के अधिकारियों और दिल्ली सरकारी राशन डीलर्स संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के बाद साझा की।
“ई-पॉस और वज़न मशीनों का एकीकरण के साथ उपयोग लम्बे समय से अपेक्षित सुधार है, जिससे मैन्युअल गड़बड़ियाँ खत्म होंगी, लाभार्थियों की पहचान रियल टाइम में होगी, और उन्हें सही मात्रा में राशन मिलना सुनिश्चित होगा,” सिरसा ने कहा।
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और फेयर प्राइस शॉप्स के डीलरों को निर्देश दिए कि ई-पॉस मशीनों का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि तकनीकी कारणों या संचालन में गड़बड़ी की वजह से किसी भी एलिजिबल लाभार्थी को राशन से वंचित न होना पड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ (ONORC) योजना के तहत, मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभार्थियों, विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थियों को, बिना किसी देरी के राशन मिलना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, “NFSA के तहत पात्र लाभार्थियों को राशन देने से इनकार करने वाले फेयर प्राइस शॉप डीलरों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, हर फेयर प्राइस शॉप पर ONORC पात्रता की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट रूप से दिखायी जाए, ताकि प्रवासी लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।”
ई-पॉस और वज़न मशीनों का यह एकीकरण हर लेन-देन के दौरान रियल टाइम वज़न डेटा रिकॉर्ड करने में मदद करेगा, जिससे राशन की सटीक मात्रा का वितरण, राशन स्टॉक की हेराफेरी की रोकथाम, और प्रणाली में अनियमितताओं पर लगाम लगेगी, माननीय मंत्री ने बताया।
बैठक के दौरान डीलरों द्वारा उठाए गए संचालन संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और सरकार PDS सिस्टम को मज़बूत करने के लिए साझा प्रयासों के साथ काम करती रहेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में विभाग पहले से ही कई संरचनात्मक सुधार लागू कर रहा है — जिनमें लाभार्थियों का व्यापक सत्यापन, अपात्र प्रविष्टियों को हटाना, और रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग शामिल है।
उन्होंने कहा कि राशन डीलर इस व्यवस्था के भरोसेमंद भागीदार हैं। आज का संवाद भागीदारी आधारित शासन और आख़री लाभार्थी तक राशन पहुँचाने की दिशा में एक और अहम क़दम है,”