जयशंकर ने कहा – आतंकवाद पर वैश्विक स्तर पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की ज़रूरत
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में एक अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कहा कि आज दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि आतंकवाद सिर्फ किसी एक देश या क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की अहमियत
जयशंकर ने कहा कि जब तक सभी देश आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट निंदा नहीं करते, तब तक इसे प्रभावी रूप से खत्म करना मुश्किल होगा। उन्होंने देशों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक या वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर आतंकवाद पर मिलकर कड़ी कार्रवाई करें।
भारत की कड़ी नीति का उल्लेख
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि भारत लगातार आतंक के खिलाफ कड़े कदम उठा रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत की नीतियाँ आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करतीं और यही रुख वैश्विक स्तर पर भी अपनाया जाना चाहिए। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में भी इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शांति और विकास के लिए एकजुटता जरूरी
जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सैन्य कार्रवाई का मामला नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक, आर्थिक और वैचारिक स्तर पर भी काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक दुनिया आतंकवाद के खिलाफ एकजुट नहीं होगी, तब तक शांति, सुरक्षा और विकास का सपना अधूरा ही रहेगा।