मॉडर्न स्कूल का 50 साल का सफर मेहनत, सपनों और मूल्यों की आधी सदी की कहानी — आशीष सूद

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नई दिल्ली । 11 अगस्त 25 । दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मॉडर्न स्कूल वसंत विहार के गोल्डन जुबली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर सूद ने स्कूल की प्रिंसिपल, ट्रस्टी, प्रेसीडेंट, सेक्रेटरी, अभिभावकों और विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपनी शुभकामनाएं दीं।

शिक्षा मंत्री ने उपस्थित छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मार्डन स्कूल का 50 साल का यह सफर सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, सपनों और मूल्यों से भरी आधी सदी की यात्रा है, जिसने हजारों विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाया है।

उन्होंने 79वें स्वतंत्रता दिवस और स्कूल के 50वें वर्ष को आत्ममंथन का अवसर बताया और कहा कि हमें सोचना होगा कि जब हम स्कूल से शिक्षा पूरी कर जाएंगे तब हम देश और दिल्ली को क्या लौटाएंगे। आज भारत के सामने जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नैतिक उपयोग, सेमीकंडक्टर की जियोपॉलिटिक्स, पानी और ऊर्जा की कमी जैसी विकट चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और आधुनिकता का संगम बनकर आगे आना होगा।

सूद ने आगे कहा कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों और अनुशासन में भी दिखनी चाहिए। जैसे स्वच्छता की आदत, यातायात नियमों का पालन, और दूसरों के अधिकारों का सम्मान। उन्होंने यह भी कहा की भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर दिल्ली में “ईच वन क्लीन वन” स्वच्छता अभियान चलाया गया है, और इसे आदत में बदलना ही असली योगदान है।

मंत्री ने बच्चों को गांधीजी के विचार “Be the change you want to see in the world” का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें खुद वह बदलाव बनना होगा, जो हम देश में देखना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े परिवर्तन ला रही है। दिल्ली के स्कूलों में अगले चार साल में 21 हजार स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। साथ ही स्कूलों में AI आधारित लैंग्वेज लैब्स और फेसियल रिकग्निशन से अटेंडेंस सिस्टम भी लागू किया जाएगा। पेपर चेकिंग जैसे जटिल और महत्वपूर्ण कार्यो में AI का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाएगा। क्रोमबुक मॉडल से स्कूल टेक्नोलॉजी से लैस होंगे।

सूद ने आगे कहा कि पहले सरकारी स्कूलों से ही IAS, डॉक्टर और इंजीनियर निकलते थे और अब दिल्ली सरकार फिर से सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के बराबर सुविधाएं दे रही है। इसके लिए प्राइवेट स्कूलों के अनुभव और सुझाव भी लिए जाएंगे, ताकि मिलकर दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

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