इजराइल के सीरिया पर हमले से ट्रम्प नाराज

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इजराइल । 21 जुलाई, 2025। इजराइल के सीरिया पर हमले से ट्रम्प नाराज हैं। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस, इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू के बर्ताव पर नाखुशी जाहिर की है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने नेतन्याहू को ‘पागल’ और ‘ऐसा बच्चा जो सही व्यवहार नहीं करता’ तक कह दिया है।

व्हाइट हाउस का मानना है कि नेतन्याहू बेकाबू हो गए हैं और इस तरह काम कर रहे हैं, जैसे उनके पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा हो। एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि ‘बीबी (नेतन्याहू) पागलों जैसी हरकतें कर रहे हैं। वह हर जगह बम गिरा रहे हैं। इससे ट्रम्प की शांति कायम करने की कोशिशें कमजोर हो रही हैं।’

इजराइल ने सीरिया के ड्रूज (शिया) बहुल शहर स्वेदा में सीरियाई सेना के टैंकों पर हमला किया था, क्योंकि वहां स्थानीय सरकार पर नागरिकों की हत्या के आरोप लगे थे। इसके बाद इजराइल ने बुधवार को राजधानी दमिश्क पर भी हमला किया और कई इमारतों को निशाना बनाया।

अमेरिका, गाजा के चर्च पर हमले से भी नाराज इससे पहले गाजा में इजराइली टैंक की बमबारी में एकमात्र कैथोलिक चर्च पर हमला हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी। इजराइली सेना ने इसे ‘गलती’ बताया, लेकिन अमेरिकी प्रशासन में इससे गुस्सा फैल गया। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हर दिन कुछ नया हो रहा है। ये सब क्या बकवास है?”

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीरिया पर इजराइली हमला ट्रम्प प्रशासन के लिए पूरी तरह ‘चौंकाने वाला’ था। एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि गाजा के चर्च पर हुए हमले के बाद ट्रम्प ने नेतन्याहू को फोन कर जवाब मांगा।

हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस चर्च हमले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया, लेकिन उन्होंने नेतन्याहू को फोन किया और नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को इस हमले पर माफी मांगनी चाहिए, जिसके बाद नेतन्याहू ने एक बयान जारी किया।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस घटना पर ट्रम्प खुश नहीं हैं। सीरिया पर हमला व्हाइट हाउस के लिए इसलिए भी समस्या बन गया क्योंकि ट्रम्प उस देश में शांति लाना चाहते हैं और वहां पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका की बड़ी भूमिका की घोषणा भी कर चुके हैं।

इजराइल ने नहीं मानी US की बात, सीरिया पर हमला किया

  • अमेरिका के विशेष दूत टॉम बैरक ने इजराइल से 15 जुलाई को कहा था कि वह सीरिया पर हमले रोक दे ताकि बातचीत के लिए जगह बन सके।
  • इजराइल ने तब यह बात मान ली लेकिन अगले ही दिन उसने फिर से सीरिया पर हमला कर दिया। इस दौरान इजराइल ने दमिश्क में सैन्य मुख्यालय और राष्ट्रपति भवन के पास की इमारतों को निशाना बनाया।
  • इजराइल ने तब कहा कि वह सीरिया में ड्रूज समुदाय के समर्थन में हमले कर रहा है। ड्रूज एक अल्पसंख्यक धार्मिक समुदाय है, जिनका एक बड़ा हिस्सा इजराइल में रहता है और सेना में भी सेवा करता है।
  • एक सीनियर इजराइली अधिकारी ने बताया कि अमेरिका चाहता है कि सीरिया की नई सरकार स्थिर बनी रहे, लेकिन वह यह समझ नहीं पा रहा है कि इजराइल बार-बार वहां हमले क्यों कर रहा है।
  • हालांकि, अमेरिका इस तर्क से संतुष्ट नहीं हुआ और स्थिति को काबू में करने के लिए दखल दिया।
  • इसके बाद तुर्की में मौजूद अमेरिकी राजदूत ने घोषणा की कि दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम कराने में सफलता मिली है।

इसके जवाब में ड्रूज लड़ाकों ने सीरियाई सैनिकों की पिटाई की और उनके शवों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। पिछले एक हफ्ते में अब तक 1,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं — इनमें 336 ड्रूज लड़ाके, 298 आम ड्रूज नागरिक, 342 सीरियाई सैनिक और 21 बेदोइन लड़ाके शामिल हैं।

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